25+ Best Quotes चाणक्य की कुछ अनमोल नीतियां क्या हैं?
चाणक्य नीतिशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, समाजशस्त्र और अर्थशास्त्र के ज्ञाता थे।चाणक्य (अनुमानतः 376 ईसापूर्व–283 ईसापूर्व) चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे| वे “कौटिल्य” नाम से विख्यात थे और तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे|उन्होने मुख्यतः भील और किरात वंश के राजकुमारों को प्रशिक्षण दिया तथा नंदवंश का नाश करके चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया| वे राजनीति शाश्त्र में पारंगत थे, उनकी लिखे ग्रंथों में राजनीति शाश्त्र, अर्थशाश्त्र, कृषि, और समाजशास्त्र मुख्य हैं| अर्थशास्त्र मौर्यकालीन “भारतीय समाज का दर्पण” माना जाता है।
1. "जुए में लिप्त रहने वाले के कार्य पूरे नहीं होते हैं।"
2. "कामी पुरुष कोई कार्य नहीं कर सकता।"
3. "पूर्वाग्रह से ग्रसित दंड देना लोक निंदा का कारण बनता है।"
4. "धन का लालची श्रीविहीन हो जाता है।"
5. "दंड से सम्पदा का आयोजन होता है।"
6. "दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं।"
7. "दण्डनीति से आत्मरक्षा की जा सकती है।"
8. "आत्मरक्षा से सबकी रक्षा होती है।"
9. "कार्य करने वाले के लिए उपाय सहायक होता है।"
10. "कार्य का स्वरुप निर्धारित हो जाने के बाद वह कार्य लक्ष्य बन जाता है।"
11. "अस्थिर मन वाले की सोच स्थिर नहीं रहती।"
12. "प्रयत्न ना करने से कार्य में विघ्न पड़ता है।"
13. "जो अपने कर्तव्यों से बचते हैं, वे अपने आश्रितों परिजनों का भरण-पोषण नहीं कर पाते।"
14. "जो अपने कर्म को नहीं पहचानता, वह अंधा है।"
15. "प्रत्यक्ष और परोक्ष साधनों के अनुमान से कार्य की परीक्षा करें।"
16. "निम्न अनुष्ठानों (भूमि, धन-व्यापारउधोग-धंधों) से आय के साधन भी बढ़ते हैं।"
17. "विचार ना करके कार्य करने वाले व्यक्ति को लक्ष्मी त्याग देती है।"
18. "एक राजा की ताकत उसकी शक्तिशाली भुजाओं में होती है। ब्राह्मण की ताकत उसके आध्यात्मिक ज्ञान में और एक औरत की ताक़त उसकी खूबसूरती, यौवन और मधुर वाणी में होती है।"
19. "आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है। अर्थात दुष्ट व्यक्ति का कितना भी सम्मान कर लें, वह सदा दुःख ही देता है।"
20. "गरीब धन की इच्छा करता है, पशु बोलने योग्य होने की, आदमी स्वर्ग की इच्छा करते हैं और धार्मिक लोग मोक्ष की।"
21. "जो गुजर गया उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतिंत होना चाहिए। समझदार लोग केवल वर्तमान में ही जीते हैं।"
22. "संकट में बुद्धि भी काम नहीं आती है।"
23. "जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।"
24. "किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब ना करें।"
25. "दुर्बल के साथ संधि ना करें।"
26. "किसी विशेष प्रयोजन के लिए ही शत्रु मित्र बनता है।"
27. "संधि करने वालों में तेज़ ही संधि का होता है।"
28. "कच्चा पात्र कच्चे पात्र से टकराकर टूट जाता है।"
29. "संधि और एकता होने पर भी सतर्क रहें।"
30. "शत्रुओं से अपने राज्य की पूर्ण रक्षा करें।"
दोस्तों हमें उम्मीद है कि चाणक्य के नीतिशास्त्र के संग्रह से लिया गए गए इस लेख "25+ Best Quotes चाणक्य की कुछ अनमोल नीतियां क्या हैं?" हिंदी में आपको जरूर पसंद आया होगा। यदि आपको "चाणक्य की कुछ अनमोल नीतियां क्या हैं? " यह पसंद आया तो कमेंट करके जरूर बताये और शेयर भी करें। आप यदि इस ब्लॉग से सम्बंधित कुछ भी सुझाव देना चाहते हैं तो Contact Form में जाकर दे सकते हैं। आपके कमेंट, शेयर और सुझाव से हमारे आगे लिखने के लिए और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। धन्यवाद्
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